Woh Khat Ke Purze Udaa Raha Tha
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Lyrics
वो खत के पुर्ज़े उड़ा रहा था वो खत के पुर्ज़े उड़ा रहा था हवाओं का रुख़ दिखा रहा था वो खत के पुर्ज़े उड़ा रहा था ♪ कुछ और भी हो गया नुमाया कुछ और भी हो गया नुमाया मैं अपना लिखा मिटा रहा था मैं अपना लिखा मिटा रहा था हवाओं का रुख़ दिखा रहा था वो खत के पुर्ज़े उड़ा रहा था ♪ उसी का ईमान बदल गया है उसी का ईमान बदल गया है कभी जो मेरा खु़दा रहा था कभी जो मेरा खु़दा रहा था हवाओं का रुख़ दिखा रहा था वो खत के पुर्ज़े उड़ा रहा था ♪ वो एक दिन एक अजनबी को वो एक दिन एक अजनबी को मेरी कहानी सुना रहा था मेरी कहानी सुना रहा था हवाओं का रुख़ दिखा रहा था वो खत के पुर्ज़े उड़ा रहा था ♪ वो उम्र कम कर रहा था मेरी वो उम्र कम कर रहा था मेरी मैं साल अपने बढ़ा रहा था मैं साल अपने बढ़ा रहा था हवाओं का रुख़ दिखा रहा था वो खत के पुर्ज़े उड़ा रहा था हवाओं का रुख़ दिखा रहा था
Audio Features
Song Details
- Duration
- 05:10
- Key
- 4
- Tempo
- 182 BPM
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