Ahista Ahista Unplugged
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Lyrics
जब-जब दर्द का बादल छाया जब गम का साया लहराया जब आंसू पलकों तक आया जब ये तनहा दिल खबराया हमने दिल को ये समझाया दिल आखिर तू क्यों रोता हैं दुनिया में यु ही होता हैं ये जो गहरे सन्नाटे हैं, वक़्त ने सबको बाटे हैं थोड़ा गम का सबका किस्सा थोड़ी धुप हैं सबका हिस्सा आंख तेरी बेकार ही नम हैं हर पल एक नया मौसम हैं क्यों तू ऐसे पल खोता हैं दिल आखिर तू क्यों रोता हैं आहिस्ता आहिस्ता मेहफ़िले हैं मेरी सुनी हो गयी, खोगई ज़माना था, थी रौशनी अब सायो में हैं गुजरी ये शाम फिर तनहा मेरी अहिस्त आहिस्ता सब गए संग छोड़ के ये राहे हुवी कब जुदा नाजाने किस मोड़ पे एक लम्हा भी न मिला कह पाते कुछ हम और ये सब हुवा आहिस्ता आहिस्ता आहिस्ता आहिस्ता अब होके हैं तनहा मैं हु और ज़िन्दगी ख़ामोशी की आहिस्ता आहिस्ता गुजरा हैं कल भीखरी हैं टुकड़ो में अब यादें तेरी आहिस्ता आहिस्ता सब गए संग छोड़ के ये राहे हुवी कब जुदा नाजाने किस मोड़ पे एक लम्हा भी न मिला कह पाते कुछ हम और ये सब हुवा आहिस्ता आहिस्ता
Audio Features
Song Details
- Duration
- 06:41
- Key
- 5
- Tempo
- 79 BPM