Khudgaraz
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Lyrics
नाराज़ है तू तो ज़ायज है मैं अपनी गलती से वाक़िफ़ हूँ ये प्यार है ना सजा कोई फिर भी ना इंसाफ़ है तू भूल रही है मेरे दिल की भूल नहीं मैं पाया अब तक याद है मुझको क्या-क्या तू सहता रहा! क्या तू सहता रहा! ख़ुदगर्ज़ है तू, ये जानता हूँ मैं अपनी गलती, भी मानता हूँ ये प्यार है ना सजा कोई फिर भी ना इंसाफ़ है तेरे ख़ातिर अक्सर नैनों का रोना सा चलता रहता है इश्क़ है हासिल या नाम की दिल अब ये मेरा कहता है ये प्यार है ना सजा कोई फिर भी ना इंसाफ़ है ख़ुदगर्ज़ है तू, ये जानता हूँ (ये जानता हूँ) मैं अपनी गलती, भी मानता हूँ ये प्यार है ना सजा कोई (ये प्यार है) फिर भी ना इंसाफ़ है
Audio Features
Song Details
- Duration
- 03:18
- Key
- 2
- Tempo
- 76 BPM